जिसकी कब्र पर फ़ातिहा पढ़नी है, उनकी कब्र के पैरों की जानिब (side) से जाएँ और चेहरे की तरफ रुख करके अदब से खड़े हो जाएँ।
2. कब्र के पास खड़े होने का तरीका
आज के इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि क्या है। kabristan me fatiha ka tarika in hindi
"अस्सलामु अलैकुम या अहलल कुबूर, यग़फिरुल्लाहु लना वलकुम, अन्तुम सलफ़ुना व नहनु बिल असर।" (ऐ कब्र वालों, तुम पर सलाम हो। अल्लाह हमारी और तुम्हारी मग़फ़िरत फरमाए। तुम हमसे पहले आ गए और हम तुम्हारे बाद आने वाले हैं।)
सूरह अल-फातिहा (अल्हम्दु शरीफ) : 1 बार। सूरह अल-बक़राह kabristan me fatiha ka tarika in hindi
किसी भी मृतक को बुरा न कहें, न ही शोर-शराबा या संसारिक बातें करें।
कब्रिस्तान में फातिहा का तरीका एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसका उद्देश्य मृतक की आत्मा की शांति और माफी के लिए प्रार्थना करना है। फातिहा पढ़ने से मृतक की आत्मा को शांति और आराम मिलता है, और यह मुस्लिम समुदाय में एक आवश्यक रस्म है। हमें उम्मीद है कि इस लेख में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। kabristan me fatiha ka tarika in hindi
कब्रिस्तान जाना सुन्नत है। ऊपर बताया गया बेहद सरल है जिसे कोई भी आसानी से कर सकता है। याद रखें, आपकी छोटी सी दुआ आपके अपनों के लिए आखिरत में बहुत बड़ा तोहफा साबित हो सकती है।
जब आप कब्रिस्तान के अंदर कदम रखें, तो सबसे पहले वहाँ मौजूद तमाम रूहों को सलाम करें:
इनके अनुसार, कुरान पढ़कर उसका सवाब मृतकों तक पहुंचाना जायज और मुस्तहब (पसंदीदा) है। उनका कहना है कि: