सिखों के अपने सिक्के: उन्होंने गुरु नानक देव जी और गुरु गोविंद सिंह जी के नाम पर सिक्के जारी किए, जो एक स्वतंत्र राज्य की निशानी थे।
उत्तर: सरहिंद की जीत (1710) इस अध्याय की सबसे बड़ी जीत थी, जिसके बाद बंदा सिंह ने अपना सिक्का जारी किया और एक स्वतंत्र शासन स्थापित किया।
"जो जमीन पर खेती करता है, वही उसका मालिक है। मुगल और जागीरदार सिर्फ लुटेरे हैं।" Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST
यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि एक प्रतीकात्मक बदला था – गुरु घर की बेइज्जती का मुंहतोड़ जवाब। सरहिंद पर जीत के बाद बंदा सिंह ने वहाँ के लोगों को न्याय देने का वादा किया।
(also known as Chaar Sahibzaade 2 ) is a landmark 3D animated historical feature that serves as the direct sequel to the acclaimed film Chaar Sahibzaade . The Hindi version of this epic brings to life the fierce transformation of the ascetic Madho Das into the legendary Sikh warrior Banda Singh Bahadur , tasked by Guru Gobind Singh Ji to end Mughal tyranny in 18th-century Punjab. Film Overview & Key Features Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST
यह पहली बार था जब सिख सत्ता ने अपना स्वतंत्र सिक्का और मोहर जारी किया। मुगल बादशाह बहादुर शाह के लिए यह सीधी चुनौती थी।
दिसंबर 1715 में बंदा सिंह बहादुर को उनके 740 साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें लोहे के पिंजरों में बंद करके दिल्ली लाया गया। दिल्ली की सड़कों पर उनका अपमान करने की कोशिश की गई, लेकिन सिखों के चेहरे पर मौत का कोई खौफ नहीं था। Rise Of Banda Singh Bahadur Part 2 In Hindi -BEST
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। आगे क्या हुआ? बंदा सिंह बहादुर ने गुरुदासपुर के लोहगढ़ किले में आखिरी दम तक कैसे संघर्ष किया? उन्होंने दिल्ली में शहादत क्यों पाई?
सरहिंद पर कब्जे के बाद बंदा सिंह बहादुर ने (मुक्तसर के पास) को अपनी राजधानी घोषित किया। उन्होंने:
लेकिन ‘Rise Of Banda Singh Bahadur’ का यह सुनहरा दौर ज्यादा दिन नहीं चल सका। दूसरी तरफ, बादशाह बहादुर शाह ने अपनी सारी ताकत और दक्षिण के युद्ध-विशेषज्ञों को इकट्ठा किया। मुगल साम्राज्य के लिए यह ‘मौत का सवाल’ बन गया था।